Chandrayaan 3: चांद के बेहद करीब पहुंचा भारत का चंद्रयान, अब कितनी रह गई दूरी; ISRO ने दी जानकारी

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 5 अगस्त को घोषणा की कि वे चंद्रमा की ऑर्बिट में चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन को सफलतापूर्वक प्रारंभ कर चुके हैं। इस मिशन के तहत, अंतरिक्ष यान को अपोलोन (चंद्रमा से सबसे दूर बिंदु) पर पहुंचाने के लिए यात्रा की गई थी, जिसमें यान की ऊंचाई को पहले 18074 किमी से कम करके 4313 किमी कर दिया गया था।

इसरो ने बताया कि कक्षा को और भी नीचे लाने के लिए अगला ऑपरेशन 9 अगस्त 2023 को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच निर्धारित किया गया है।

  • HIGHLIGHTS
  • रविवार को ISRO ने चंद्रयान-3 के माध्यम से चंद्रमा की एक वीडियो जारी की।
  • चंद्रयान-3 9 अगस्त को चांद के करीब आएगा। इसके बाद,
  • 17 अगस्त तक तीन अधिक मिशनों की पूर्ति की जाएगी। आखिरकार,
  • 23 अगस्त तक चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग का अभियान समाप्त होगा।

एक दिन पश्चात्, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया और इसके बाद, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को चंद्रयान-3 द्वारा चांद पर एक वीडियो जारी किया।

9 अगस्त को चांद के और करीब होगा चंद्रयान-3

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि 9 अगस्त को चंद्रयान-3 चांद के पास और भी करीब आएगा। इसरो ने रविवार को एक ट्वीट में बताया कि ‘चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह के और करीब पहुंचने की एक प्रस्तावित प्रक्रिया को पूरा कर लिया है।

इसके ‘रेट्रोफायरिंग’ इंजनों ने चंद्रमा की सतह के और नजदीक पहुंचाया है, जिससे अब यह 170 किलोमीटर की दूरी से 4,313 किलोमीटर के पास है।’

17 अगस्त तक तीन और अभियान होगा पूरा

ISRO ने बताया कि 17 अगस्त तक तीन अभियान प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद, लैंडिंग मॉड्यूल ‘प्रपल्शन मॉड्यूल’ से अलग हो जाएगा। ‘डी-आर्बिटिंग’ कवायद लैंडर पर किया जाएगा। चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले, लैंडर पर ‘डी-ऑर्बिटिंग’ कवायद को पूरा किया जाएगा।

23 अगस्त तक होगी चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग

शनिवार को इसरो ने पुष्टि की कि भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के आसपास लूनर ऑर्बिट इंजेक्शन (एलओआई) कार्यान्वित किया गया, जिससे अंतरिक्ष यान स्थिर चंद्र कक्षा में निर्धारित हो गया।

चंद्रमा मिशन अब तक सफलतापूर्वक प्रगति कर रहा है और इसरो की आशा है कि विक्रम लैंडर इस महीने के अंत में, 23 अगस्त को, चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

निष्कर्ष

इसरो ने शनिवार को घोषित किया कि लूनर ऑर्बिट इंजेक्शन (एलओआई) भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के आसपास किया गया है, जिससे अंतरिक्ष यान को स्थिर चंद्र कक्षा में स्थापित कर दिया गया है।

चंद्रमा मिशन अब तक सफलतापूर्वक प्रागमित हो रहा है और इसरो आशा कर रहा है कि विक्रम लैंडर इस महीने के अंत में, 23 अगस्त को, चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कर सकेगा।

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